मंगल भात पूजा
मंगल ग्रह की शांति एवं पारिवारिक सुख हेतु पारंपरिक वैदिक अनुष्ठान।

परिचय
मंगल भात पूजा एक पारंपरिक अनुष्ठान है जो विशेष रूप से मंगल ग्रह की शांति एवं पारिवारिक सौहार्द हेतु किया जाता है। यह पूजा क्षेत्रीय परंपराओं में विवाह पूर्व अथवा पारिवारिक शुभ अवसरों पर विशेष महत्व रखती है।
मंगलनाथ मंदिर का महत्व
अंगारेश्वर महादेव मंदिर में मंगल ग्रह से संबंधित इस पूजा को करवाने की परंपरा वर्षों पुरानी है। पौराणिक मान्यता के अनुसार जब भगवान शिव ने अंधकासुर राक्षस का वध किया था, उस समय उनके शरीर से गिरी पसीने की बूंद से मंगल ग्रह की उत्पत्ति हुई थी, इसलिए यह स्थान मंगल ग्रह का जन्मस्थान भी माना जाता है। जहाँ अनुभवी पंडित जी विधि-विधान से पूजा संपन्न करवाते हैं।
मंगल भात पूजा के पारंपरिक लाभ
पारिवारिक सुख-शांति हेतु पारंपरिक पूजा
मंगल ग्रह शांति के लिए वैदिक विधि
शुभ कार्यों में आने वाली बाधाओं हेतु संकल्प पूजा
सामूहिक श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ अनुष्ठान
आचार्य अक्षत शर्मा
अनुभवी वैदिक पंडित
मंगल भात पूजा पंडित आचार्य अक्षत शर्मा जी द्वारा शास्त्रोक्त विधि-विधान से मंगलनाथ मंदिर, उज्जैन में संपन्न करवाई जाती है। आपकी कुंडली एवं आवश्यकता अनुसार पूर्ण मार्गदर्शन एवं परामर्श भी दिया जाता है।
पूजा में क्या-क्या शामिल है
संकल्प एवं मंगल पूजन
मंगल ग्रह शांति विधि
रुद्राभिषेक
हवन एवं पूर्णाहुति
प्रसाद एवं आशीर्वाद
इन स्थितियों में यह पूजा सहायक मानी जाती है
⚠️ पारिवारिक कार्यों में बार-बार रुकावट
⚠️ शुभ कार्य टलते रहना
⚠️ मंगल ग्रह संबंधी चिंता
⚠️ पारिवारिक सौहार्द में कमी
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