🙏 हमारे बारे में

उज्जैन में श्रद्धा एवं परंपरा की सेवा

अंगारेश्वर महादेव मंदिर में पंडित आचार्य अक्षत शर्मा जी के साथ प्रामाणिक वैदिक पूजा एवं अनुष्ठान।

मंगल दोष एवं काल सर्प पूजा उज्जैन
हमारी कहानी

परंपरा एवं श्रद्धा के साथ पूजा सेवा

Pujankaalsarpujjain की शुरुआत इस उद्देश्य से हुई कि उज्जैन से दूर बैठे भक्तगण भी मंगलनाथ मंदिर एवं महाकाल की पावन नगरी में विधिपूर्वक वैदिक पूजा-अनुष्ठान आसानी से बुक करवा सकें। हमारे अनुभवी पंडित जी शास्त्रोक्त विधि-विधान से प्रत्येक पूजा संपन्न करवाते हैं।

बुकिंग से लेकर पूजा संपन्न होने तक — निःशुल्क परामर्श, कुंडली अनुसार मार्गदर्शन, लाइव वीडियो विकल्प एवं प्रसाद तक पहुँचाने की व्यवस्था — हम हर कदम पर भक्तों के साथ हैं, ताकि हर पूजा श्रद्धा, विश्वास एवं पारदर्शिता के साथ पूर्ण हो सके।

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✨ हमारे मूल्य

हम अलग क्यों हैं

हर पूजा के पीछे श्रद्धा, प्रामाणिकता एवं पारदर्शिता का वादा।

प्रामाणिक वैदिक विधि

प्रत्येक पूजा शास्त्रोक्त विधि-विधान अनुसार, बिना किसी शॉर्टकट के संपन्न करवाई जाती है।

अनुभवी पंडित गण

वर्षों के अनुभव वाले पंडित जी आपकी कुंडली एवं आवश्यकता अनुसार मार्गदर्शन देते हैं।

मंदिर आधारित सेवा

मंगल ग्रह के जन्मस्थान अंगारेश्वर महादेव मंदिर में पूजा संपन्न करवाई जाती है।

पारदर्शी बुकिंग

बुकिंग से लेकर पूजा संपन्न होने तक पूर्ण जानकारी एवं पारदर्शिता के साथ सेवा।

श्रद्धा एवं सेवा भाव

हर भक्त के साथ श्रद्धापूर्वक, आत्मीयता एवं सम्मान के साथ व्यवहार किया जाता है।

संपूर्ण सहयोग

परामर्श, बुकिंग, लाइव वीडियो विकल्प एवं प्रसाद तक — हर कदम पर सहायता।

मंगलनाथ मंदिर, उज्जैन

मंगल ग्रह का जन्मस्थान

मंगलनाथ मंदिर को मंगल ग्रह का जन्मस्थान माना जाता है, इसलिए मंगल दोष, काल सर्प दोष एवं अन्य ग्रह-दोष शांति पूजा हेतु यहाँ विशेष पारंपरिक महत्व है। सदियों से देश-विदेश से भक्तगण यहाँ आकर वैदिक विधि से अपनी पूजा संपन्न करवाते आए हैं।

उज्जैन — बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर की नगरी — स्वयं में अत्यंत पावन एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण स्थान मानी जाती है।

मंगलनाथ मंदिर, उज्जैन
अंगारेश्वर महादेव मंदिर, उज्जैन
अंगारेश्वर महादेव मंदिर, उज्जैन

मंगल ग्रह की उत्पत्ति का पावन स्थल

अंगारेश्वर महादेव मंदिर मंगलनाथ मंदिर के साथ ही इस क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक स्थल है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जब भगवान शिव ने अंधकासुर राक्षस का वध किया था, उस समय उनके शरीर से गिरी पसीने की बूंद से मंगल ग्रह की उत्पत्ति हुई थी। इसलिए यहाँ को मंगल ग्रह का जन्मस्थान भी माना जाता है।

अंगारेश्वर महादेव मंदिर में मंगल दोष शांति, काल सर्प दोष निवारण एवं अन्य ग्रह-दोष पूजा हेतु विधिपूर्वक अनुष्ठान करवाए जाते हैं। श्री मंगलनाथ मंदिर के पास स्थित यह मंदिर मंगल ग्रह की शांति हेतु विशेष पारंपरिक महत्व रखता है।

🙏 हमारे पंडित

हमारे अनुभवी पंडित जी

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आचार्य अक्षत शर्मा

अनुभवी वैदिक पंडितमंगलनाथ मंदिर, उज्जैन

कुंडली अनुसार विधि, शास्त्रोक्त वैदिक परंपरा एवं पूर्ण श्रद्धा के साथ मंगल दोष, काल सर्प दोष एवं अन्य ग्रह-दोष शांति पूजा संपन्न करवाई जाती है।

अपनी पूजा आज ही बुक करें

हमारे अनुभवी पंडितों के साथ अपनी पूजा एवं अनुष्ठान बुक करें।

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