गुरु चांडाल दोष पूजा
कुंडली में गुरु एवं राहु की युति से बनने वाले दोष की शांति हेतु वैदिक अनुष्ठान।

परिचय
गुरु चांडाल दोष तब माना जाता है जब जन्म कुंडली में गुरु (बृहस्पति) एवं राहु एक साथ स्थित होते हैं। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार यह स्थिति निर्णय क्षमता एवं कार्यक्षेत्र में आने वाली उलझनों से जोड़ी जाती है।
मंगलनाथ मंदिर का महत्व
उज्जैन में स्थित अंगारेश्वर महादेव मंदिर में अनुभवी पंडितों द्वारा गुरु चांडाल दोष निवारण हेतु परंपरागत विधि-विधान से पूजा संपन्न करवाई जाती है।
गुरु चांडाल दोष पूजा के पारंपरिक लाभ
निर्णय क्षमता में स्पष्टता हेतु पारंपरिक मान्यता
कार्यक्षेत्र संबंधी उलझनों के लिए शांति अनुष्ठान
गुरु ग्रह की कृपा हेतु वैदिक विधि
श्रद्धा एवं संकल्प सहित पूजा
आचार्य अक्षत शर्मा
अनुभवी वैदिक पंडित
गुरु चांडाल दोष पूजा पंडित आचार्य अक्षत शर्मा जी द्वारा शास्त्रोक्त विधि-विधान से मंगलनाथ मंदिर, उज्जैन में संपन्न करवाई जाती है। आपकी कुंडली एवं आवश्यकता अनुसार पूर्ण मार्गदर्शन एवं परामर्श भी दिया जाता है।
पूजा में क्या-क्या शामिल है
संकल्प एवं कुंडली अनुसार विधि
गुरु चांडाल दोष शांति अनुष्ठान
रुद्राभिषेक एवं गुरु पूजन
हवन एवं पूर्णाहुति
प्रसाद एवं आशीर्वाद
इन स्थितियों में यह पूजा सहायक मानी जाती है
⚠️ निर्णय लेने में बार-बार असमंजस
⚠️ करियर में उलझनें
⚠️ शिक्षा संबंधी बाधाएँ
⚠️ मानसिक भ्रम की स्थिति
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संबंधित पूजा सेवाएँ
मंगल दोष पूजा
जन्म कुंडली में मंगल ग्रह की स्थिति के अनुसार पारंपरिक वैदिक शांति पूजा।
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