काल सर्प दोष पूजा
जन्म कुंडली में समस्त ग्रहों के राहु-केतु के मध्य आने पर की जाने वाली शांति पूजा।

परिचय
काल सर्प दोष तब माना जाता है जब जन्म कुंडली में सभी ग्रह राहु और केतु के मध्य स्थित होते हैं। पारंपरिक ज्योतिष के अनुसार यह स्थिति जीवन में बार-बार आने वाली रुकावटों से जोड़ी जाती है। विधिपूर्वक पूजा से मानसिक शांति एवं सकारात्मकता का अनुभव होता है।
मंगलनाथ मंदिर का महत्व
उज्जैन को बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकाल की नगरी माना जाता है, जहाँ काल सर्प दोष शांति अनुष्ठान की पारंपरिक मान्यता विशेष रूप से प्रचलित है। यहाँ अनुभवी पंडितों के मार्गदर्शन में विधिपूर्वक पूजा संपन्न करवाई जाती है।
🐍 काल सर्प दोष के बारे में जानकारी
कार्य में बार-बार रुकावट से जुड़ी पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताएँ
करियर में अनिश्चितता से संबंधित पारंपरिक विचार
मानसिक अशांति एवं चिंता से जुड़े ज्योतिषीय विचार
निर्णय लेने में कठिनाई से संबंधित पारंपरिक मान्यताएँ
जीवन में बार-बार आने वाली बाधाओं से जुड़े विचार
राहु-केतु से संबंधित शांति अनुष्ठान की पारंपरिक परंपरा
🙏 काल सर्प दोष से संबंधित व्यक्तिगत स्थिति और पूजा-विधि के लिए जन्म कुंडली के अनुसार योग्य पंडित से परामर्श करें।
काल सर्प दोष पूजा के पारंपरिक लाभ
जीवन में आने वाली रुकावटों हेतु पारंपरिक शांति अनुष्ठान
मानसिक स्थिरता एवं आत्मविश्वास में सहयोग
ग्रह दशा शांति के लिए वैदिक विधि
पूर्ण श्रद्धा एवं संकल्प के साथ पूजा
आचार्य अक्षत शर्मा
अनुभवी वैदिक पंडित
काल सर्प दोष पूजा पंडित आचार्य अक्षत शर्मा जी द्वारा शास्त्रोक्त विधि-विधान से मंगलनाथ मंदिर, उज्जैन में संपन्न करवाई जाती है। आपकी कुंडली एवं आवश्यकता अनुसार पूर्ण मार्गदर्शन एवं परामर्श भी दिया जाता है।
पूजा में क्या-क्या शामिल है
संकल्प एवं कुंडली परीक्षण
काल सर्प दोष शांति अनुष्ठान
रुद्राभिषेक एवं नाग देवता पूजन
हवन एवं पूर्णाहुति
प्रसाद एवं आशीर्वाद
इन स्थितियों में यह पूजा सहायक मानी जाती है
⚠️ बार-बार काम में रुकावट आना
⚠️ करियर में अनिश्चितता
⚠️ मानसिक अशांति या भय
⚠️ निर्णय लेने में कठिनाई
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